बुधवार, 26 सितंबर 2012

एस ऍम एस लीला ....

वाह रे एस ऍम एस  क्या तेरी लीला है ....गजब कि टेक्नोलॉजी दी है हमने खुद को....
आज सुबह सुबह मोबाइल पर जैसे ही एस ऍम एस की टोन बजी तो मैसेज देखा और फिर क्या था मैं लगी मैसेज के बारे में गहनता से सोचने कि कितनी अच्छी सर्विस मिली है हमें मोबाइल में कि आज कहीं  भी हम बैठे बैठे किसी से भी (मेरा मतलब जिसका नंबर हो)उसके बारे में पूछ लेते है कि वो कहाँ है,कैसा है,और क्या कर रहा है?
आखिर नाम भी तो है इसका शॉर्ट मैसेज सर्विस....
आज कहीं बस टोन बजी मोबाइल में देखिये तो मिल जायेगा मैसेज और आज कल तो जहाँ तक मुझे लगता है कि लोग फ़ोन पर बात करने से ज्यादा अब मैसेज से ही बातें करने लगें हैं.आज बगल वाले तक को पता नहीं चल पाता और बस लो हो जाती है बातें कहीं से कहीं पर तुरंत....अब तो लोग हाल चाल तक एस ऍम एस से करने लगे हैं.
मेरे हिसाब से युवाओं में तो और भी क्रेज है मैसेज का किसको इतनी फुर्सत है कॉल करे बस एक मैसेज टाइप किया और पूछ लिया हाल चाल..सुबह आँख खुली तो हम सब सबसे पहले अपना मोबाइल हाथ में उठा लेते हैं ..यहाँ तक कि घर पर होने पर भी भले कोई बगल में हो या न हो लो आ गया मैसेज और हो गयी बात और इतनी सीक्रेसी तो है नहीं कॉल में?क्यूंकि अगर कॉल आएगी तो पता तो सबको चल जायेगा?..और आज कल तो लेटरों की पूरी जगह पूरी तरह से एस ऍम एस ने ले ली है जिस तरह पहले लोग क्लास में लेटरों से विचारों का आदान प्रदान करते थे उसकी जगह इन महाशय जी ने ले ली है अब तो सुबह बिना आये ही पता लग जाता है कि क्लास में अगला आयेगा/आएगी या नहीं?..और ये तो दूर अब क्लास में भले टीचर पढ़ा रहा हो या नहीं लेकिन एक दूसरे से एस ऍम एस से बातें होती रहती है और टीचर और बगल वाले को पता तक नहीं चलता है..क्या खूब है न इसकी कहानी????
सबसे अच्छा तो उनके साथ है जब बगल वाला निरक्षर हो या एस ऍम एस पढ़ना उसे न आता हो तब तो आप आराम से उसके सामने भी मैसेज कर सकते हैं...पर आज कल के लोग इतने अलर्ट हैं कि आज बच्चे बच्चे तक एस ऍम एस पढ़ लेते हैं तो इसका सबसे अच्छा फ़ॉर्मूला है फ़ोन में पासवर्ड लगा दो...आज कल तो ये ट्रेंड सा हो गया है पर इससे बहुत सारे रिश्तों में बिखराव होते भी देखा गया है कि मैंने तुम्हें मैसेज किया और तुमने रिप्लाई नहीं किया???या तुमने मोबाइल में पासवर्ड क्यों लगा रखा है?
लेकिन कहीं न कहीं ये मैसेज बहुत अच्छा भी है कि आप बैठे बैठे अपनी बातें तुरंत दूसरों तक पंहुचा सकते है....अब तो इसके लिए बकायदे मैसेज कार्ड भी आने लगे है जो अलग से मोबाइल में एक्टिवेट कराने पड़ते है .आज कल तो लोग अब आपस में मैसेज टाइप करने कि स्पीड को देखते है कि कौन कितने देर में कितना मैसेज टाइप कर सकता है....अब तो हर तरह कि मोबाइल सुविधाओं में मैसेज अलर्ट कि सेवा बखूबी दी जा रही है आज आपको अपनी शिकायत कहीं दर्ज करानी हो,या फिर कहीं कोई बुकिंग करानी हो तो बस कर दीजिये मैसेज मिल जायेगा आपको आपका जवाब.
अब तो सारे प्रोग्राम में भी एस ऍम एस कि सुविधा आराम से दी जा रही है.हमारी टेक्नोलॉजी ने अगर हमें बहुत सारे फायदे दिए है तो उसका बहुत ज्यादा नुकसान भी दिया है।.अब हर जगह के रिसर्च बताते है कि मोबाइल पर एस ऍम एस करना हमारे लिए खतरनाक भी है यहाँ तक कि मोबाइल पर बात करने पर उसमें से निकलने वाली रेज हमें बहुत नुकसान भी कर रही है तो हमें इसका कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए,पर इसका बहुत फर्क पड़ता नहीं है लोग एस ऍम एस और बात करनें से नहीं चूकते ....वहीं बहुत से लोग हैं जिन्हें एस ऍम एस करना बिलकुल नहीं पसंद है.वो मानते है जीतनें में हम मैसेज करेंगे उतने में तो बात कर लेंगे????पर ये तो अपनी अपनी सुविधा और मन के ऊपर है कि आप किसको वरीयता देते है...फिलहाल सब मिलाकर मैसेज बहुत अच्छी सेवा है आज के लिए,आज के लोगों के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र सेवा है....

रविवार, 8 जनवरी 2012

वाराणसी आई नेक्स्ट में प्रकाशित...

आज दिनांक 09-01-2012 को वाराणसी आई नेक्स्ट में प्रकाशित मेरा ये लेख जो लोक गीतों पर है.

रविवार, 1 जनवरी 2012

नव वर्ष मंगलमय हो....

लो बस बीत गया 2011 और सभी देश वासी लग गए हैं 2012 के नए और सुनहरे आगमन के जश्न मनाने में .2011 के कई अच्छे और बुरे पल हमारे साथ अपनी बहुत ढेर सारी यादें छोड़ गया है.साल के 12 महीनों में शायद 1200 से भी अधिक ऐसी घटनाएँ हुई होंगीं जो दिल को पूरी तरह से दहला दी हो और शायद 12 ही होंगी ऐसी जो पूरी तरह से दिल को खुश कर देश को गौरवान्वित की होंगी,और बची खुची बात जो रही वो कसर हमारी सरकार ने पूरी कर दी है इस बीते साल में सभी ने सरकार को अच्छी तरीके  से कोसा है चाहे वो अन्ना हजारे हो या योग गुरु बाबा रामदेव का भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए जन आन्दोलन पर  गलत रवैया उठाने पर ....कुछ न कुछ बुरे पल के बाद अच्छे पल भी आते है जो हमारे साथ भी आये वो था सबसे बड़ी जीत का जश्न जो हमारे देश को कई सालों की मेहनत के बाद मिला,,वो था क्रिकेट में वर्ल्ड कप का मिलना इससे बड़ी शायद ही कोई ख़ुशी थी जो मिली थी.वही हाकी ,टेनिस की जीत ने ख़ुशी की चरम सीमा पारकर दी.दूसरी तरफ शायद हमारी फिल्म इंडस्ट्री को तो किसी की बुरी नज़र सी लग गयी थी जो शम्मी कपूर,जगजीत सिंह,देवानंद,एम ऍफ़ हुसैन,पटौदी साहब जैसे नामचीन कलाकारों को हमसे जुदा कर दिया पर इस साल के अंत तक आते आते कई ऐसी फ़िल्में भी बनी जो वाकई काबिले तारीफ थी..उधर टेक्नोलोजी में इस्टिव जॉब का जाना भी सबके लिए बहुत दुःखदाई था,हो भी क्यों न कहा गया है की जो आता है वो एक ने एक दिन जरुर चला जाता है....उधर सब चीजों से क्या बचना प्रकृति ने भी कम दंश नहीं झेलाया हम सब को बाढ़ भूकंप का कहर ने तो मानो हिला कर रख दिया हो पूरी तबाही सी मची गयी थी ....आज देश में दो सबसे बड़े काल के रूप में चल रहे आतंकवाद और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शायद खत्म होने का नाम ही नहीं लेते नज़र आ रहे हैं.आज देश के अंतिम दिन पर लाखों करोड़ों लोग अपनों को बधाइयाँ सन्देश भेजेंगे और नए साल के लिए शुभकामनाएं देंगे पर ये तो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो हर साल आती है और चली जाती है और लोग 1 जनवरी को अपनी ज़िन्दगी नए सिरे से शुरू करने की शपथ लेते हैं और नए वर्ष के रूप में मनाते है और देशवासी खुश रहे उसके लिए ज़रूरी है की हमारे देश की सरकार जो अभी भी पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं है और बीते साल में उसने कैसा रवैया अपनाया ये किसी से छुपा नहीं है बस मेरी सभी देशवासियों से ये ही दुआ है की हमारी सरकार अब जो भी आये वो पूरी तरह ईमानदार और जिम्मेदार हो जिससे सोने की चिड़िया कहा जाने वाला देश अपनी पुरानी स्थिति में लौट सके  और अगर हम सब मिल कर भाईचारे की भावना के साथ रहे तो हर दिन होली दिवाली और नए वर्ष की तरह बीतेगा और अंत में आप सभी को मेरी तरफ से नव वर्ष मंगलमय हो.