शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011

माता पिता और उनकी आशाएं

आशा एक ऐसा  वाक्य है जिस पर पूरी दुनिया चल रही है.आशा कोई नाम नहीं बल्कि वो है जो किसी दूसरे से किसी इच्छा को पूरा करने के लिए की जाती है.आशा का पक्ष हर जगह अलग अलग तरह का है.आशाएं  अच्छी और बुरी दोनों है यहाँ तो बात आजकल के माता पिता की है जिनकी आशाएं अपने बच्चो से सबसे ज्यादा होती है आज की इस भौतिकवादी और प्रतिस्पर्धा वाली दुनिया में सभी एक दूसरे से आगे जाने की होड़ में होते है. उसमे हमारे माता पिता ये सोचते है कि इन सभी में हमारा बच्चा सबसे आगे हो और जब ऐसा नहीं हो पता तो वही पर सारी आशाएं टूट जाती है और उन्हें उन बच्चो के साथ बहुत दुःख होता है अगर देखा जाये तो आजकल के बच्चे विभिन्न तरह कि गतिविधियों में हिस्सा ले रहे और आगे आ रहे है जैसे खेल,संगीत,शिक्षा इत्यादि. चलन में बढ़ रहे रियलिटी शो ने इन्हें एक नयी पहचान दी है .आज इस शो ने छोटे छोटे गाँव और कस्बों के बच्चो कि निखरती प्रतिभा को एक नया मुकाम दिया है ये तो हुआ सकारात्मक पक्ष पर इन चीजों का एक नकारात्मक पक्ष भी उभरकर सामने आ रहा है जैसे कुछ दिन पहले कि घटना ने मुझे बहुत दुखी किया कि एक रियलिटी शो में सेलेक्ट न होने क कारण  एक बच्चे ने खुदखुशी कर ली.आज माँ बाप कि आशाओं  ने बच्चो को बहुत कुछ करने पर भी मजबूर कर दिया है.आगे जाने कि होड़ में सभी दिशा विहीन होते जा रहे है पर उधर थ्री इडियट,पटियाला हाउस जैसी फिल्मों ने कुछ हद तक इस रास्ते को मोड़  दिया है. विभिन्न आयामों में ऐसे ऐसे कोर्सो  के आ जाने से बच्चो के  सामने कई विकल्प है जिससे उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है आगे बढ़ने के  कारण फिर वही बात माँ बाप कि आशाएं भी बढ़ रही है.वो सोचते है कि उस भीड़ में उनका बच्चा सबसे अलग हो आगे जाये और उनका सर गर्व से ऊँचा हो सके.धन्य है वो माता पिता जिनके बच्चों ने उनका नाम रोशन किया है.एक सफल बच्चे के पीछे सबसे बड़ा हाथ उसके माता पिता का होता है तभी तो वो उस सफलता को पता है जिसके वो योग्य है.अंत में मेरा मानना  है कि सभी माता पिता को अपनी संतान पर पूरा भरोसा होना चाहिए कि वो ऐसा करेगा जिससे उनका नाम रोशन होगा और उसे उसी क्षेत्र में भेजना चाहिए जिसमे वो अपना बेस्ट कर सके और उसे पूरी स्वतंत्रता देनी चाहिए जिससे वो शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छी तरह पनप सके.

5 टिप्‍पणियां:

  1. युवा मन के द्वन्द को व्यक्त करती हुई प्रथम पोस्ट पर बहुत बधाई.
    इस पोस्ट नें समाज के सच को चित्रित किया है,आप लोग उसी दौर में है इसलिए यह आलेख भाव प्रधान हो गया है.
    ब्लाग लेखन में नियमित बनें,यही शुभकामना है.

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  2. blog par pahli itni umda post k liye bahut bhut badhaiya.lagata likhte rahana ok

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  3. Nice post on curent scenario of young genration n,the opportnity and exposer.But there are value decline in youth even for their parents too.Its time to recover the values for futuers happiness.

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